क्या आपको पता है भारत के पास कितनी दौलत है ? : जरूर पढ़ें

नमस्कार दोस्तो www.desitopic.in में आपका स्वागत है इस पोस्ट में हम जिस टॉपिक के बारे में बात करने जा रहे हैं वह टॉपिक है भारत की जीडीपी (GDP)


दोस्तों भारत को पहले सोने की चिड़िया कहा जाता था दोस्तों भारत को सोने की चिड़िया ऐसे नहीं कहा जाता था भारत को सोने की चिड़िया कहे जाने का कारण भारत की ही विशाल प्राचीन अर्थव्यवस्था है जो कि विश्व की लगभग 25 परसेंट जीडीपी के बराबर थी दोस्तों भारत की अर्थव्यवस्था प्राचीन काल में सबसे बड़ी थी लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान विदेशी आक्रमणकारियों और अंग्रेजों ने किया है


लेकिन दोस्तों आजादी के बाद से ही भारत की अर्थव्यवस्था में काफी सुधार हुआ है परिणाम स्वरूप आज भारत विश्व की अर्थव्यवस्था पांचवीं सबसे बड़ी विशेषता है

चलिए दोस्तों में आपको बता ही देता हूँ भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में कौन सा स्थान रखती है और भारतीय अर्थव्यवस्था कितनी बड़ी है


भारत की अर्थव्यवस्था
दोस्तों भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे बड़ी पांचवी अर्थव्यवस्था है दोस्तो भारत की वर्तमान अर्थव्यवस्था 2.61  ट्रिलियन डॉलर है जो कि विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है भारत ने सन 2018 में फ्रांस की अर्थव्यवस्था जो कि 2018 में विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी उसको सन् 2018 में पछाड़ कर पांचवें नंबर पर पहुंच गयी और फ्रांस की अर्थव्यवस्था छठवें नंबर पर पहुंच गई


भारत का नाममात्र जीडीपी: $ 2.972 ट्रिलियन डॉलर
भारत जीडीपी (पीपीपी): $ 11.468 ट्रिलियन डॉलर


भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली ट्रिलियन-डॉलर की अर्थव्यवस्था है और $ 2.972 ट्रिलियन डॉलर के मामूली जीडीपी के साथ पाँचवी सबसे बड़ी है। 1980 में भारतीय अर्थव्यवस्था सिर्फ 189.438 बिलियन डॉलर की थी, वैश्विक स्तर पर यह सूची में 13 वें स्थान पर थी। भारत की विकास दर 2017 में 6.7% से बढ़कर 2018 में 7.3% और 2019 में 7.5% होने की उम्मीद है, क्योंकि मुद्रा विनिमय पहल और आईएमएफ के अनुसार माल और सेवा कर फीका है।

भारत की स्वतंत्रता के बाद की यात्रा एक कृषि प्रधान देश के रूप में शुरू हुई, हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में मजबूती आई है। आज, इसका सेवा क्षेत्र दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र है, जो अपनी अर्थव्यवस्था में 60% से अधिक का योगदान देता है और 28% रोजगार के लिए जिम्मेदार है। विनिर्माण अपने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है और इसे “मेक इन इंडिया” जैसी सरकारों की पहल के माध्यम से दिया जा रहा है। यद्यपि इसके कृषि क्षेत्र का योगदान लगभग 17% तक गिर गया है, फिर भी यह पश्चिमी देशों की तुलना में अधिक है। अर्थव्यवस्था की ताकत निर्यात, उच्च बचत दर, अनुकूल जनसांख्यिकी और बढ़ती मध्यम वर्ग पर एक सीमित निर्भरता में निहित है।

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